बलूचिस्‍तान में कत्‍लेआम का प्‍लान बना रही पाक‍िस्‍तानी सेना? पूर्व अफगान सैनिकों को मोटी सैलरी पर बुलाया

Updated on 17-09-2026 11:39 AM
इस्लामाबाद: पाकिस्तान का बलूचिस्तान प्रांत लंबे समय से अशांति का शिकार है। सूबे में कई सशस्त्र गुट पाकिस्तान की सेना से आजादी के लिए लड़ रहे हैं। पाकिस्तानी सेना ने जमीन पर इनका मुकाबला करने की कोशिश की है तो हवाई हमलों का भी सहारा लिया है। इसके बावजूद पाकिस्तानी आर्मी यहां पूरी तरह असफल दिखी है। ऐसे में असीम मुनीर के नेतृत्व वाली आर्मी अफगानिस्तान के पूर्व सैनिकों के सहारे बलूचिस्तान में 'ऑपरेशन' की तैयारी में है। एक्सपर्ट इसे पाक आर्मी के बलूचिस्तान में बड़े पैमाने पर 'कत्लेआम के प्लान' की तरह देख रहे हैं।

बलूचिस्तान पर नजर रखने वाले एक सूत्र ने RFE/RL को बताया है कि सूबे में करीब 2,000 पूर्व अफगान पुलिस अधिकारियों और सैनिकों को भर्ती किया गया है। इन लोगों को एक ऐसे गुट में भर्ती किया गया है, जो पाकिस्तान सरकार के समर्थन से अलगाववागी गुटों के खिलाफ लड़ रहा है। इनको बाकायदा एक सैलरी पाकिस्तानी सरकार देगी।

40,000 रुपए महीना में भर्ती

पाकिस्तान में रह रहे पूर्व अफगान सैनिक खान ने बताया कि वह कई ऐसे लोगों को जानते हैं, जो सरकार समर्थित सशस्त्र समूहों में शामिल हुए हैं। इसका नेतृत्व एक पूर्व अफगान पुलिस अधिकारी करता है। खान के अनुसार, भर्ती के बाद पूर्व अफगान सुरक्षा अधिकारियों और सैनिकों का परिचय उनके निर्धारित इलाकों के स्थानीय पुलिस स्टेशनों से कराया जाता है ताकि हथियार ले जाते हुए या पुलिस चौकियों पर पहचान के उन्हें कोई परेशानी ना हो।

खान के मुताबिक, भर्ती किए जा रहे सैनिकों को हर महीने 40,000 पाकिस्तानी रुपए (145 डॉलर) मिलते हैं। खुद उनको भी ये ऑफर कई बार मिला कि वह बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर काम करें। बलूचिस्तान पाकिस्तान का दक्षिण-पश्चिमी प्रांत है, जिसका बॉर्डर अफगानिस्तान और ईरान से लगता है। ऐसे में अफगानिस्तान में ट्रेनिंग लिए हुए पूर्व सैनिक पाकिस्तानी आर्मी के काफी काम आ सकते हैं।
मुझे भी भर्ती होने का ऑफर पूर्व अफगान सरकार के पुलिस अधिकारी की तरफ़ से आया था। वह पहले ही सैकड़ों बेरोजगार अफगान पुलिसकर्मियों को भर्ती कर चुका था, जो अगस्त 2021 में काबुल पर तालिबान के कब्जे के बाद पाकिस्तान आ गए थे।
पूर्व अफगान अधिकारी

पाकिस्तान में अशांति

पाकिस्तान का बलूचिस्तान प्रांत सुरक्षा के बिगड़ते संकट का सामना कर रहा है। बलूच अलगाववादी समूहों ने पाकिस्तानी सरकार के खिलाफ कई वर्षों से विद्रोह छेड़ रखा है। इनमें एक सबसे अहम नाम बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) का है। इस गुट ने बार-बार पाकिस्तानी सुरक्षाबलों पर हमले किए हैं। BLA की मांग बलूचिस्तान को आजाद करने की है।

पाकिस्तानी तालिबान या तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने बलूचिस्तान के पश्तून-बहुल उत्तरी जिलों में पाक सुरक्षाबलों पर हमले किए हैं। इससे वह संघर्ष और बड़े इलाके में फैल गया है, जो पहले मुख्य रूप से पड़ोसी खैबर पख्तूनख्वा और अफगान सीमा के पास पाकिस्तान के पूर्व आदिवासी इलाकों तक सीमित था।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 30 September 2026
पेरिस: एफिल टॉवर का संचालन करने वाली कंपनी SETE के चीफ एग्जीक्यूटिव अपने पद से हट जाएंगे। यह कदम हिंदू धार्मिक समूह (BAPS) के दौरे के दौरान महिला कर्मचारियों की…
 30 September 2026
मनीष गुप्ता, न्यूयॉर्क से: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की इस बार की बैठक अखाड़ा बन गई। रूस-यूक्रेन युद्ध, महंगे तेल की हाय-हाय, डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को नक्शे से मिटाने…
 30 September 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान में प्रांतों को बांटने के मुद्दे पर कई राजनीतिक दलों की ओर से तीखा विरोध देखने को मिल रहा है। इसकी शुरुआत 30 जुलाई को हुई, जब गृहमंत्री…
 30 September 2026
बगदाद: अमेरिकी सेना बुधवार 30 सितम्बर को इराक में अपने आखिरी ठिकाने को छोड़कर हटने वाली है। ईरान और उसके सहयोगी इस वापसी को अपनी जीत के तौर पर मना…
 30 September 2026
ढाका: बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने तारिक रहमान की भारत यात्रा को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। मंगलवार को कबीर ने कहा कि बांग्लादेश और भारत के…
 30 September 2026
रियाद: पाकिस्तान उलेमा काउंसिल के हेड हाफिज मोहम्मद ताहिर अशरफी ने कहा है कि यमन के हूती मुस्लमान नहीं है। सऊदी अरब में एक कॉन्फ्रेंस में अशरफी ने ये बयान…
 30 September 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तानी पंजाब के फैसलाबाद जिला प्रशासन ने बड़ा ऐलान किया है। प्रशासन जिले के बंगा गांव में शहीद भगत सिंह का स्मारक बनाने जा रहा है, जहां 1907 में…
 30 September 2026
अबू धाबी/रियाद/वॉशिंगटन: भारत में सितम्बर 2023 में हुए G-20 शिखर सम्मेलन के दौरान इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप कॉरिडोर (IMEC) की योजना का ऐलान किया गया था। मिडिल ईस्ट के रास्ते भारत को…
 29 September 2026
मध्यप्रदेश की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि मिली है। यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट में प्रदेश के चार ऐतिहासिक स्थलों को…
Advt.